रक्त के बारे मे कुछ रोचक तत्य

Some interesting facts about Blood



– रुधिर के अध्यन को “hematology” कहते है

– रुधिर एक परिसंचरित अंग है  

– रुधिर का मापन “himocytometer”यंत्र द्वारा किया जाता है  

– रक्त का P.H मान 7.4 होता है 

~ (Basic क्षारीय +alkaline अल्कलाइन ) -रक्त का नेचर 

-पुरुष में रक्त की मात्रा 6 – 7 ltr . 

– स्त्री में रक्त की मात्रा 4 – 5 ltr . 

मानव के रुधिर का रंग लाल “हीमोग्लोविन” की बजह से होता है 

नोट  –कॉक्रोच के रुधिर का सफ़ेद रंग “हिमोलिम्फ”  पिग्मेंट की की बजह से होता है 

            -ऑक्टोपस का रुधिर नीला रंग “हिमोसायनिन” की बजह से होता है 

Components of Blood 

रुधिर 

  1. ठोस पदार्थ                                                                    2. तरल पदार्थ      

RBC                                                                                                  Plasma प्लाज्मा

WBC
Platlets

प्लाज्मा Plasma   

  1. रंग हल्का पीला  light yellow colour
  2. Plasma के अंदर RBC नहीं पायी जाती है |
  3. WBC और Platelets होती है
  4. प्लाज्मा का हल्का पीला रंग “Billirubin Pigment” की बजह से होता है जिसका निर्माण यकृत में होता है
नोट – billirubin के अधिक बनने पर पीलिया नामक बीमारी हो जाती  है |

प्लाज्मा का संघटन
Compesition of plasma 

  • water  90%
  • ग्लूकोज + खनिज पदार्थ 1%
  • प्रोटीन 9%

थ्रोबिन

प्रोटोबिन
ग्लोब्युलिन
फाइब्रिन
फाइब्रिनोजन
ये  सब प्रोटीन रक्त का थक्का जमाते है |
Note. Serum = Plasma-fibrinogen
प्लाज्मा के कार्य 
  • यह रुधिर का थक्का ज़माने में सहायता करता है|
  • यह ग्लूकोस को सभी अंगो तक पहुंचाता है |
  • यह रुधिर के P.H. के मान को संतुलित कर के रखता है |

R.B.C (Red Blood Cells ) ( लाल रुधिर कणिका )

  1. इनको Erythrocytes भी  कहते है
  2. Male  4.5-5.5 million/100ml HB (himoglobin)
  3. female 4-4.5  million/100ml HB (himoglobin)
  • यह रुधिर की सबसे छोटी कोशिका है

Quantity- RBC>PI>WBC

 Size- WBC>P>RBC
  • RBC का निर्माण अस्थिमज्जा ( bone Marrow ) में होता है
  • RBC का जीवन काल 120 दिन का होता है
  • स्तनधारियों की RBC में केन्द्रक नहीं पाया जाता है |
  •  अपवाद -camel and lama
  • RBC का  आकार गोल होता है |

RBC के कार्य

  • यह कोशिका तक ऑक्सीजन को पहुँचता है और कार्बन डाइऑक्साइड  को वापस लाता है |

RBC

HB + O2 – HBO2 (Oxenaemoglobin)

HB + Co2- HBCo2 (carboxyhaemoglobin)

Note- हीमोग्लोबिन को श्वसन वाला पिग्मेंट कहा जाता है |

RBC से होने वाली बीमारिया

  1. RBC की कमी से Amenia (खून की कमी ) होती है |
  2. RBC की ज्यादा पोलिसाइथेमीवा (त्वचा में काले धब्बे पड़ जाना ) हो जाता है |
  3. थैलेसेमिया होने पर RBC का जीवन काल 50-60 दिन हो जाता है |
  4. सिकिल सेल एनेमिया – इस बीमारी में RBC का आकार बदलकर हसीबा हो जाता है |
WBC (white blood cells) श्वेत रुधिर कणिका
 

 

  • WBC को हम Leucocytes भी कहा जाता है
  • Male & Female 8000 -10000 / 100ml HB
  • यह रुधिर की सबसे बड़ी कोशिका है
  • इसका निर्माण भी अस्थिमज्जा में होता है |
  • इसका जीवन काल 2-4 दिन तक होता है |
  • इसकी मृत्यु और पुनः निर्माण  रुधिर में ही होता है |
आकार 
  • इसका आकार अनश्चिक आकार होता है ( अमीबा के आकार जैसा )
  • RBC और WBC  का अनुपात Quantity में
RBC : WBC
600  : 1
  • WBC कोशिका में केन्द्रक पाया जाता है
  • WBC का कार्य रोगो से डालने के प्रतिरोधक क्षमता प्राप्त करना |
  • WBC को हम सैनिक कोशिका , बॉडीगॉर्ड कोशिका और लड़ाई करने वाली कोशिका भी कहते है
  • WBC के पांच प्रकार की होती है
  1. बेसोफिल्स -सबसे कम
  2. ब्यूट्रोफिल्स -सबसे ज्यादा
  3. इयोसिनोफिल्स-
  4. मोनोसाइट्स – सबसे बड़ी
  5. लिम्फोसाइट्स – सबसे छोटी

नोट -एलर्जी के लिए हिस्टामिन रासायनिक पदार्थ उत्तरदायी है जिसका निर्माण यककृत किया जाता है

  • बेसोफिल्स -यह एलर्जी के समय लड़ाई करने लग जाती है
  • न्यूट्रोफिल्स – जीवाणु जनित रोग के समय सक्रिय हो जाती है
  • इयोसिनोफिल्स- यह विषाणु जनित रोग है |
  •   मोनोसाइट्स / लिम्फोसाइट्स- ये WBC advance level पर काम करती है
टीकाकरण -इनके द्वारा मेमोरी कोशिकाओं का का निर्माण होता है

WBC से होने बलि बीमारिया (Disease of wbc)

WBC कम होगी -Leucopenia (many disease ) कई बीमारिया
WBC ज्यादा होगी – ल्युकेमिआ ( blood cancer ) auto immunio system activate  हो जाया है
note- HIV Acids के समय WBC की संख्या घट जाती है

HIV Aids

HIV Aids (HUman immune dificiency virus )
AIDS ( Acquired immune dificiency syndrome)
Test-ELISA test ( Enzyme linked immuno Sorbent assay)
– एड्स Rectro परिवार  करता है
– Blood ट्रांसफर ,इन्फेक्टेड Niddle ,sexual , Mother to child आदि से एड्स होता  है

प्लैटलैट्स Platelates

  • इनको thrombocytes की कहा जाता है |
  • male/female 4.5 – 5.5 लाख / 100ंml HB
  • इनका निर्माण अस्थिमज्जा में  होता है
  • जीवन काल – 8 – 10 दिन
  • इनका पुनः निर्माण/मृत्यु  रक्त में होता है |
  • केन्द्रक पाया जाता है |
नोट – सबसे बड़ी RBC अफ्रीकन हांथी मर होती है

प्लेटलेट्स के कार्य

  • यह रक्त का थक्का ज़माने में सहायता करता है

रुधिर का थक्का ज़माने वाले  कारक 

  1. कैल्शियम -रुधिर
  2. विटामिन k -phylloguannine
  3.  प्रोटीन –
थ्रोबिन
 प्रोटोबिन
ग्लोब्युलिन
फाइब्रिन

फाइब्रिनोजन

एल्बुमिन

 रुधिर का थक्का ज़माने वारे कारक

Heparin (प्रोटीन -ब्लड में ) – यकृत में बनता है
कृत्रिम हिरोडिन – इसको जोक के लार से बनाया जाता जाता है |

 प्लेटलेट्स से होने वाली बीमारिया

  • प्लेटलेट्स  की कमी होने से रुधिर का थक्का नहीं बनेगा
  • प्लेटलेट्स की अधिकता होने पर थ्रोम्बोब्लॉस्टिश ( शरीर के अंदर ही धमनियों और शिराओ रुधिर का थक्का जैम जाता है
  • हिमोफिलया – शाही बीमारी ( आनुवंशिकी बीमारी )
इस री में प्लेबीमाटलेट्स का बनाना ही काम हो जाता है
नोट – डेंगू /मलेरिया  के होने से प्लेटलेट्स कम हो जाती है [

डेंगू /हड्डी तोड़ बुखार 

रोग जनक – arbo वायरस -प्लेटलेट्स कम हो जायेगा
वाहक – female aeddes eoypti -इसको tiger mosquito कहते है

मलेरिया 

रोग जनक – plasmodium प्रोटोजोआ
वाहक – मादा एनाफिलीज मच्छर
(gellatin ) प्लेटलेट्स को बढ़ाता है

Blood Group रक्त समूह

ABO-system में टोटल 8 रक्त समूह होते है
A ,B ,O रुधिर समूह की खोज carl landsteneer ,1900 में की थी इसके लिए इन्हे नोबल प्राइज मिला था
AB रुधिर  की समूह की खोज डक्शटेलों स्ट्राली ,1902 में किया

 Antigens प्रतिजन 

  • यह glycoproten से मिलकर बना होता है
  • यह RBC में पाया जाता है

Antybody प्रतिरक्षा 

 
  • यह भी glycoprotain से मिलकर बना होता है
  • यह RBC और प्लाज्मा दोनों में पाया जाता है
  • नोट 1.  AB रक्त समूह में किसी भी प्रकार का प्रतीक्षा नहीं पायी जाती है
  • नोट 2 . O रुधिर समूह में किसी भी प्रकार का antigen नहीं पाया जाता इस लिए इस रुधिर समूह को सर्वधाता समूह कहा जाता है |
Rh – factor करक 
  • इस Rh कारक की खोज लेडस्टीनर 1940 में की
  • सबसे पहले Rh कारक की खोज रिसस बंदर (Rhesus monkey )में की |

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